कैसे कहूँ मन की बात

कैसे कहूँ मन की बात
हालत रोक रहें है,
आज आँखें ही पढ़ लेना दोस्तों,
जज़्बातों से गुफ्तगू कभी और कर लेंगे,
आज इन आँखों के सैलाब की बारी है
जिनकी तुम्हारे कंधों से यारी है.............

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