तुम कहो Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps May 11, 2016 तुम कहो मैं सुनु किताब के हर पन्ने में एक कहानी रचु, जो छू सके दिल को किसी के भी ताकी जो जीने का मतलब भूल गए इसे पढ़ जीना शुरू करदे तभी........ Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
anubhav July 25, 2020 कभी कुछ समेटा नहीं इसलिए ही बिखरा नहीं अनुभव था किसी का समय पर उतार लिया खुद को सवार लिया जिसको जैसे देखनी है देख लो भाई सृष्टि सबकी लिए एक जैसी बनी है चाहे तो सवार लो या बिगाड़ लो भाई Read more
खाली हो गई May 12, 2021 शहर सूने हो गए दोपहर काली हो गई.. ये तेरे मेरे बच्चन की किताब जाने कैसे खाली हो गई। Read more
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