आँसुओं के बेह्ते Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps February 03, 2016 आँसुओं के बेह्ते तक्दीर खुद ब खुद तस्वीर बन गई, बहोत कोशिश की फिर बदलने की पर वो तस्वीर शीशे मे जड़ गई, क्या खूब कहा है किसी ने……… औरत का अपना कोई वजूद नही जब वो माँगे तभ नाजायज़ मे जब उसे मिले स्वीकार करे तभी……… धन्यवाद सोनाली सिंघल Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
खाली हो गई May 12, 2021 शहर सूने हो गए दोपहर काली हो गई.. ये तेरे मेरे बच्चन की किताब जाने कैसे खाली हो गई। Read more
कोई बात नही एकसर ऐसा होता है - ये जिंदगी है साहब... ख्वाब हर कोई बोता है... May 26, 2021 कोई बात नही एकसर ऐसा होता है - ये जिंदगी है साहब... ख्वाब हर कोई बोता है... Read more
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