आँसुओं के बेह्ते Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps February 03, 2016 आँसुओं के बेह्ते तक्दीर खुद ब खुद तस्वीर बन गई, बहोत कोशिश की फिर बदलने की पर वो तस्वीर शीशे मे जड़ गई, क्या खूब कहा है किसी ने……… औरत का अपना कोई वजूद नही जब वो माँगे तभ नाजायज़ मे जब उसे मिले स्वीकार करे तभी……… धन्यवाद सोनाली सिंघल Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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